हमेशा सिखने की प्रक्रिया में रहें:सांसद ग्रीष्मकालीन व्यक्तित्व विकास शिविर का समापन 

बैतूल। सरस्वती विद्या मन्दिर कालापाठा बैतूल में तीस दिवसीय ग्रीष्मकालीन व्यक्तित्व विकास शिविर संपन्न हुआ। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद डीडी उइके, विशेष अतिथि स्टेट बैंक के रीजनल मैनेजर महेन्द्र सोलंकी व विद्या भारती क्षेत्रीय अधिकारी पुरूषोत्तमजी जोशी, विभाग समन्वयक नर्मदापुरम सुनीलजी दीक्षित, विद्यालय संचालन समिति अध्यक्ष कश्मीरीलाल बतरा, सचिव मुकेश खण्डेलवाल, उपाध्यक्ष चन्दूमल थारवानी, सदस्य बालारामजी साहू, सुनीलजी मरवाह, पालकगण एवं लगभग 250 भैया-बहिन उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती पूजन से हुआ, प्रस्तावित भूमिका विद्यालय प्राचार्य श्रीमती शीला वराठे ने रखी। सांसद श्री उइके ने अपने वक्तव्य में छोटे बच्चों को संबोधित किया उन्होंने कहा की बच्चों का मन कोमल होता है इसी उम्र में उनके मन पर अच्छे संस्कारों का प्रभाव हो इसलिए उन्हें इन शिविरों के माध्यम से शिक्षित करना आवश्यक है तथा सीखने की कोई उम्र नहीं होती हमेशा सीखते रहना चाहिए। विशेष अतिथि श्री सोलंकी ने भैया-बहिनों से प्रश्न किए कि आप क्या बनना चाहते हैं ?
उस हेतु लक्ष्य अभी से निर्धारित करे। सचिव खंडेवाल ने सभी शिविरों में चलने वाली पेन्टिंग, कराटे, नृत्य गतिविधियों को सत्र भर चलाने का आश्वासन दिया एवं कठिन परिस्थितियों में कैसे आगे बढ़े ऐसे उदाहरण पालकों और बच्चों के समक्ष रखे। क्षेत्रीय अधिकारी श्री जोशीजी ने संस्कृति बोध परियोजना के विषय को विस्तार से पालकों एवं भैया-बहिनों के समक्ष रखा । विभाग समन्वयक श्री दीक्षित ने भी बच्चों के सार्वांगीण विकास में सहयोगी पंचकोष के विषय में जानकारी दी। अध्यक्षीय उद्बोधन में कश्मीरीलाल बतरा ने सभी कराटे, तबला, गायन, नृत्य, चित्रकला के प्रशिक्षकों को साधुवाद दिया तथा उन्हें प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया। अंत में विद्यालय प्रधानाचार्य श्रीमती शारदा जायसवाल द्वारा आभार व्यक्त किया। 

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