लेहड़दा घाट कटिंग की मांग, सांकेतिक धरने पर बैठे समाजसेवी राजेश सरियाम

बैतूल। Demand for cutting Lehda Ghat, social worker Rajesh Sariam sitting on symbolic dharna प्रशासन को बार-बार कई वर्षों से सूचति करने के बाद भी लेहड़दा घाट कटिंग के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं होने से नाराज समाजसेवी राजेश सरियाम गुरुवार से सांकेतिक धरने पर बैठ गए हैं उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक लेहड़दा घाट कटिंग का कार्य शुरू करने के संबंध में कोई प्रशासनिक अधिकारी उन्हें आश्वासन नहीं देता तब तक वह धरने पर डटे रहेंगे साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई संगठन या ग्रामवासी इसमें अपना समर्थन देते है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कलेक्टर, एसपी को सौंपे आवेदन में उन्होंने कहा कि कई वर्षों से सूचति करने के बाद भी आज तक लेहड़दा घाट कटिंग हेतु कोई कार्यवाही नहीं हुई, जिसके कारण लगातार वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के प्रस्ताव आधार पर वन विभाग अनुमति दे सकता है, यह शासन की नियमावली में अंकित है, इसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। सैकड़ों लोग दुर्घटना के शिकार हो गए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वे अपने स्वविवेक से अपनी जिम्मेदारी पर लेहडदा घाट पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा की है।
कलेक्टर के निर्देश के बावजूद नहीं हुई कार्यवाही
गौरतलब है कि कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए लगभग 6 माह पूर्व मई माह में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लेहड़दा घाट पर सड़क दुर्घटनाओं के कारणों पर भी गंभीरता से चर्चा की थी। साथ ही अधिकारियों को भौतिक सत्यापन करने के भी निर्देश दिए थे, लेकिन इस और अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए तमाम सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जाएं। सड़कों पर आवश्यक संकेत चिन्ह लगे हों। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था हो। एंबुलेंस एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तत्परता से उपलब्ध रहें। लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.