अध्यक्ष की भी नहीं सुनते सीएमओ नितिन बिजवे महिला सभापतियों को चेंबर में बुलाकर अभद्र भाषा का उपयोग करने का आरोप

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सहित पार्षदों ने कलेक्टर से की शिकायत डीजल पर खर्च की गई राशि में भी घोटाले का आरोप, पीआईसी बैठक तत्काल बुलाए जाने की मांग कलेक्टर ने जांच कर कार्यवाही करने का दिया आश्वासन

बैतूल। CMO Nitin Bijwe does not even listen to the president Accused of using abusive language by calling women chairpersons to the chamber मुलताई नगर पालिका सीएमओ नितिन कुमार बिजवे की विवादित कार्यप्रणाली से नाराज होकर सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सभापतियों सहित पार्षदों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से शिकायत की है। शिकायत के माध्यम से सीएमओ के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।कलेक्टर को सौंपे शिकायत आवेदन में नगरपालिका उपाध्यक्ष, सभापति एवं पार्षदों ने आरोप लगाया कि सीएमओ नितिन कुमार बिजवे जब से नगर पालिका परिषद् मुलताई में पदस्थ हुये है तब से डीजल पर 8-9 लाख रूपये प्रतिमाह खर्च किया जा रहा था। किन्तु नवनिर्वाचित परिषद गठन के बाद परिषद को इस बाबत् जानकारी होने पर डीजल खर्च पर सुचारू रूप से व्यवस्था करने के बाद 3 लाख 76 हजार रूपये ही खर्च हो रहा है। उक्त सम्बंध में नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सभापति पार्षद द्वारा पीआईसी बैठक विगत वर्षों में किये गये व्यय / भुगतान पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई, लेकिन सीएमओ ने अध्यक्ष का आदेश मानने से इंकार कर दिया और कहा कि जिसे हिसाब देखना है मेरे पास आए। हालांकि इस पूरे मामले में कलेक्टर ने शिकायत कर्ताओं को उचित जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

कार्यप्रणाली संदेहास्पद
शिकायत आवेदन में आरोप लगाया गया कि सी.एम.ओ. के द्वारा महिला सभापतियों को कहा जाता है कि मेरे चेम्बर में आओ मैं वहाँ फाईल दिखाऊंगा, इनके द्वारा महिलाओं से अभद्र भाषा में बात की जाती है। महिला सभापति इनके व्यवहार के कारण इनसे मिलने में घबराते है। सी.एम.ओ. कक्ष में एक केबिन इन्होने बनाकर रखा हुआ है जिसके दरवाजे में वन वे विजन ग्लास लगा हुआ है। यह समझ में नहीं आता है कि एक शासकीय कार्यालय में वन वे विजन काँच लगाने का औचित्य है। इनकी पूर्ण कार्यप्रणाली संदेहास्पद है। नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं पार्षदों ने मांग की है कि विगत परिषद का कार्यकाल पूर्ण होने की तिथि से आज दिनांक तक विभिन्न मदों से किया गया भुगतान / बिल की जानकारी पी.आई.सी. की बैठक में उपलब्ध कराई जाए। परिषद बैठने के पूर्व तक समस्त भुगतान पर चर्चा कर कार्यवाही करने सहित सी.एम.ओ. कक्ष के केबिन में लगे वन वे विजन ग्लास को हटाया जाए।
बिना स्वीकृति लिए सहायक राजस्व निरीक्षक को कर दिया भार मुक्त
कलेक्टर को सौंपे आवेदन में यह भी आरोप लगाए गए कि दुर्गासिंह चन्देल सहायक राजस्व निरीक्षक को भारमुक्त किये जाने से संबंधित पत्र को मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत नही किया गया और उक्त कर्मचारी को भारमुक्त किये जाने की स्वीकृति भी नही ली गयी है, चूंकि उक्त कर्मचारी की नियुक्ति प्राधिकारी प्रेसिडेंट इन कौंसिल है। प्रकरण में अध्यक्ष की अनुमति लिया जाना आवश्यक है किन्तु मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा उक्त प्रकरण में अध्यक्ष की अनुमति नही ली गई है जो कि मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 में वर्णित प्रावधानों एवं उनके अन्तर्गत बने नियमों के विपरीत है। यह भी उचित नही है कि मुलताई शहर की जनता नगर पालिका मुलताई के कर्मचारी को वेतन देंगी और वह कर्मचारी सेवानिवृत्ति तक अपनी सेवाएं नगर परिषद शाहपुर में देगा। ज्ञापन सौंपने वालों में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू परमार, उपाध्यक्ष शिवकुमार माहोरे, सभापति श्रीमती अंजलि सुमित शिवहरे, श्रीमती वंदना नितेश साहू, पंजाबराव चिकाने पार्षद रितेश विश्वकर्मा, सुरेश पोनीकर, निर्मला रामा उबनारे सहित अन्य पार्षद गण मौजूद थे।

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