आखिर कौन है कालीन भइया, जो मिर्जापुर वाली कट्टा संस्कृति बैतूल में फैला रहा?

बकलोल... बड़ा सवाल

Betul Mirror News: बैतूल। जिस तरह से बैतूल में कट्टे चल रहे हैं और वारदातें सामने आ रही हैं, उसके बाद सवाल यह है कि आखिर बैतूल को मिर्जापुर बनाने पर आमदा कालीन भइया है कौन? कालीन भइया वाला मसला इसलिए सामने आ रहा है कि शहर कोतवाल जो मोहक की मौत के पहले एयरगन की थ्यौरी लेकर बैठे थे वे मौत के बाद बता रहे हैं कि राहुल, संस्कार और मोहक कट्टे से ऐसे खेल रहे थे जैसे कट्टा न होकर वह गजरा हो। खैर पुलिस ने दो कट्टे जब्त कर लिए है, लेकिन यह नहीं बता रही है कि कट्टे कहां से और कैसे जब्त किए। यह कट्टे आए कहा से थे और उपलब्ध कराने वाला कौन था? पिछले एक डेढ़ माह में बैतूल में गोली चालान की चार वारदातें सामने आई है। इन वारदातों में यह सामने नहीं आया कि आखिर कट्टे उपलब्ध कराता कौन है? कौन कालीन भइया है जो अपने गुड्डू पंडित, बबलू पंडित या कबूतरों से कट्टों से बैतूल के लोगों को खिलवा रहा है। जब भी कट्टे पकड़े जाते हैं, जिनसे पकड़े जाते हैं उन पर 25,27 आम्र्स एक्ट तो लग जाता है, लेकिन कट्टे कहां से आते हैं और कौन सप्लाई करता है। इसका कभी खुलासा नहीं होता है। बैतूल में अब नव धनाड्य युवकों में भी पिस्टल और कट्टे का चलन है वे अपनी लग्जरी गाडिय़ों में लेकर चलते हैं। कुछ बिगड़ी हुई औलादें तो ऐसी है जो सार्वजनिक रूप से पिस्टल और कट्टों का प्रदर्शन भी करती है। अब ऐसे में सवाल यही है कि बैतूल में कौन है कालीन भइया? जो मिर्जापुर कल्चर ला रहे हैं।

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